Google Gemini के लिए एक नया “सीमलेस माइग्रेशन” फीचर पेश कर रहा है: अब अन्य AI ऐप्स से चैट रिकॉर्ड और मेमोरी (memory) इम्पोर्ट करने का सपोर्ट। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सुविधा आज जारी किए गए Gemini 3.1 Flash Live जैसी अपडेट्स के साथ आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि यूज़र जब AI असिस्टेंट बदलें तो उन्हें अपनी उपयोग पसंद (preferences) और बातचीत का संदर्भ (context) शून्य से दोबारा सेट न करना पड़े।
इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि Google इस तरह के समाधान की टेस्टिंग कर रहा है। दिशा यह है कि पुरानी बातचीत का इतिहास और सेव की गई पसंद/मेमोरी जानकारी को Gemini में माइग्रेट किया जाए, ताकि अलग-अलग ऐप्स के बीच उपयोग अनुभव लगातार बना रहे। अगर यह इम्पोर्ट क्षमता अधिक प्लेटफ़ॉर्म्स को कवर करती है, तो इससे यूज़र्स की स्विचिंग लागत कम होगी और यह AI असिस्टेंट प्रतिस्पर्धा में रिटेंशन तथा इकोसिस्टम की पकड़ बढ़ाने वाला एक अहम फीचर पॉइंट बन सकता है।

