26 अप्रैल 1865 को, अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के हत्यारे जॉन विल्क्स बूथ को वर्जीनिया के पोर्ट रॉयल के पास संघीय सेना ने घेर लिया और मार गिराया। यह घटना 14 अप्रैल को फोर्ड थिएटर में लिंकन पर गोली चलाने के केवल 12 दिन बाद हुई। एक अभिनेता और दक्षिणी संघ के समर्थक बूथ ने इस चौंकाने वाली हत्या की साजिश रची थी, जिसका उद्देश्य उत्तरी नेतृत्व पर प्रहार करके दक्षिण को राहत देना था।
लिंकन की हत्या के बाद, संघीय सरकार ने बड़े पैमाने पर तलाश शुरू की। बूथ और उसके साथी डेविड हेरोल्ड वर्जीनिया के ग्रामीण इलाकों में भाग गए। अंत में, पीछा करने वाले सैनिकों ने एक तम्बाकू गोदाम में उनका पता लगाया, जहाँ बूथ ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया और गोली लगने से मारा गया। उसकी मौत ने इस हत्या के मामले को कानूनी और सैन्य दृष्टि से समाप्त कर दिया, और लिंकन हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता को सार्वजनिक मुकदमे का सामना नहीं करना पड़ा।


