2 जून 1997 को संघीय जूरी ने टिमोथी मैकवे (Timothy McVeigh) को 1995 में ओक्लाहोमा सिटी के संघीय भवन बम विस्फोट में हत्या का दोषी ठहराया। इस पूरे अमेरिका को झकझोर देने वाले आतंकी हमले में 168 लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए, यह उस समय अमेरिकी धरती पर हुआ सबसे गंभीर आतंकवादी हमला था।
मैकवे को अंततः मृत्युदंड की सजा सुनाई गई, और 11 जून 2001 को इंजेक्शन के ज़रिए उसे फांसी दी गई। उसका सह-आरोपी टेरी निकोल्स (Terry Nichols) अलग मुकदमे में दोषी पाया गया और उसे उम्रकैद की सजा मिली। इस मामले ने अमेरिकी आतंकवाद-रोधी कानूनों और फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली में सुधार को बढ़ावा दिया, साथ ही चरमपंथी विचारधारा की जड़ों पर लंबे समय तक विचार करने को प्रेरित किया।

