1997 में 2 जून को, अमेरिकी संघीय जूरी ने टिमोथी मैकवे को 1995 में ओक्लाहोमा सिटी के अल्फ्रेड पी. मुर्रा संघीय भवन में हुए बम धमाके में हत्या और साजिश का दोषी ठहराया। इस आतंकी हमले में 168 लोगों की जान गई, जो उस समय अमेरिकी धरती पर सबसे गंभीर आतंकवादी घटना थी। मैकवे को मौत की सजा सुनाई गई, जो 2001 में लागू हुई।
जूरी ने कई सप्ताह की सुनवाई के बाद मैकवे को इस बम धमाके का प्रत्यक्ष जिम्मेदार ठहराया। इस मामले की सुनवाई दुनिया भर में चर्चित रही, और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बैलिस्टिक विश्लेषण, गवाहों के बयान और भौतिक साक्ष्यों की मदद से पूरी सबूत श्रृंखला तैयार की। मैकवे की सजा अमेरिकी आतंकवाद विरोधी न्याय इतिहास का एक अहम मोड़ साबित हुई, जिसने बाद में संघीय भवनों की सुरक्षा मानकों में व्यापक सुधार को प्रेरित किया।

