अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्य डिजिटल और AI अधिकारी कैमरून स्टैनली ने एक अदालती शपथपत्र में खुलासा किया कि xAI के चैटबॉट Grok ने 96 घंटों में 2000 गोला-बारूद दागने और 2000 अलग-अलग लक्ष्यों को भेदने में सहायता की। यह बयान नेशनल एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ कलर्ड पीपल (NAACP) द्वारा xAI के खिलाफ दायर मुकदमे के जवाब में दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि xAI का मिसिसिपी स्थित कोलोसस 2 डेटा सेंटर बिना अनुमति के दर्जनों गैस टर्बाइन चला रहा है। स्टैनली ने गवाही में जोर दिया कि इस डेटा सेंटर का संचालन जारी रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इस ऑपरेशन का कोडनेम 'एपिक फ्यूरी ऑपरेशन' था, जो ईरान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के हमले का हिस्सा था। स्टैनली ने पुष्टि की कि इस अभियान में विशेष रूप से संघीय सरकार के लिए तैयार किया गया 'Grok Gov' संस्करण इस्तेमाल किया गया, जो अमेरिकी सेना के लक्ष्यीकरण सिस्टम से जुड़ा था। यह पहली बार है जब किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने अदालती दस्तावेज में औपचारिक रूप से स्वीकार किया है कि सेना ने ईरान के खिलाफ हमले में वाणिज्यिक जनरेटिव AI मॉडल का उपयोग किया, जो घातक बल प्रयोग (काइनेटिक स्ट्राइक) के क्षेत्र में व्यावसायिक AI तकनीक के वास्तविक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

